पास मुझे बैठने नहीं देती अब उस की पसंद की जो साड़ी नहीं ली
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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तीर मेरी रूह में जा कर धँसा था और वो मरहम जिस्म तक ही करता था काम
sahllucknowi
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मिरा नासेह मुझे थोड़ा हँसाने में लगा है लबों को कैसे आख़िर खोला जाए ये बता दो
sahllucknowi
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ज़िंदगी बस साँस लेना ही नहीं है ये समझ लो थपथपा दें पीठ जो पापा तो क्या ही बात होगी
sahllucknowi
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थोड़ी सी ही सही वो मुलाक़ात अच्छी थी बातें भले ही कम हुईं पर रात अच्छी थी
sahllucknowi
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कल तलक लब थे मिरे अब वो सूखा तर गया
sahllucknowi
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