पास रहने को तो घर भी है मगर तेरे दिल में रहना अच्छा लगता है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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वक़्त जब तक सही नहीं होता कोई हँस कर गले नहीं लगता
Mohammad Bilal
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पता होता तो ऐसा भी मैं कर जाता कभी वापस नहीं अपने मैं घर जाता मोहब्बत ने नया पागल बनाया था सही होता अलग हो कर मैं मर जाता
Mohammad Bilal
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मिरी साथी रही होगी कभी वरना उसे तोहफ़े में अपना दिल नहीं देता
Mohammad Bilal
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अभी देखा गया है चाँद बिल्कुल तिरे जैसा बताया जा रहा है
Mohammad Bilal
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तिरे ही साथ रह कर मैं ने देखा था तिरे कानों में झुमके अच्छे लगते हैं
Mohammad Bilal
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