मिरी साथी रही होगी कभी वरना उसे तोहफ़े में अपना दिल नहीं देता
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तुम्हारे बिन गुज़ारी रात के बस दो ही क़िस्से हैं कभी हिचकी नहीं रुकती कभी सिसकी नहीं रुकती
Ankita Singh
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भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है
Tehzeeb Hafi
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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
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अब हमें देख के लगता तो नहीं है लेकिन हम कभी उस के पसंदीदा हुआ करते थे
Jawwad Sheikh
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दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों
Bashir Badr
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पता होता तो ऐसा भी मैं कर जाता कभी वापस नहीं अपने मैं घर जाता मोहब्बत ने नया पागल बनाया था सही होता अलग हो कर मैं मर जाता
Mohammad Bilal
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वक़्त जब तक सही नहीं होता कोई हँस कर गले नहीं लगता
Mohammad Bilal
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पास रहने को तो घर भी है मगर तेरे दिल में रहना अच्छा लगता है
Mohammad Bilal
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हसीं लड़की दिखाई जा रही है नया रिश्ता मिलाया जा रहा है
Mohammad Bilal
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तिरे ही साथ रह कर मैं ने देखा था तिरे कानों में झुमके अच्छे लगते हैं
Mohammad Bilal
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