पढ़ सकते हो आँखें उस की रब की लिक्खी दो गज़लें हैं
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ये शहर-ए-अजनबी में अब किसे जा कर बताएँ हम कहाँ के रहने वाले हैं कहाँ की याद आती है
Ashu Mishra
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हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं दिल हमेशा उदास रहता है
Bashir Badr
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ख़ुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना देखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देना ये सारे खेल हैं, इन में उदास मत होना
Kumar Vishwas
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मुझ को भी उन्हीं में से कोई एक समझ ले कुछ मसअले होते हैं ना जो हल नहीं होते
Ali Zaryoun
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ज़मीं पे घर बनाया है मगर जन्नत में रहते हैं हमारी ख़ुश-नसीबी है कि हम भारत में रहते हैं
Mehshar Afridi
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वो सब जो बस तुम से कहना था मुझ को कहता फिरता हूँ पूरी दुनिया से मैं
Prakamyan Gautam
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ये दुख क़िस्मत को ढोना था पाकर तो उस को खोना था दीवारों पर लिख जाता है ये होना था वो होना था
Prakamyan Gautam
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ये पैरों की पायल, हाथों के कंगन पहनो पहनो बेहद अच्छे लगते हैं
Prakamyan Gautam
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उस पैकर में शामिल है वो सब का सब जो जो लड़कों की कमज़ोरी होती है
Prakamyan Gautam
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हर छम छम में मेरा मन है पायल दिल घुँघरू धड़कन है
Prakamyan Gautam
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