ये दुख क़िस्मत को ढोना था पाकर तो उस को खोना था दीवारों पर लिख जाता है ये होना था वो होना था
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तुम्हारे बा'द ये दुख भी तो सहना पड़ रहा है किसी के साथ मजबूरी में रहना पड़ रहा है
Ali Zaryoun
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अपनी क़िस्मत में सभी कुछ था मगर फूल न थे तुम अगर फूल न होते तो हमारे होते
Ashfaq Nasir
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हर दुख का है इलाज, उसे देखते रहो सब कुछ भुला के आज उसे देखते रहो देखा उसे तो दिल ने ये बे-साख़्ता कहा छोड़ो ये काम काज उसे देखते रहो
Aslam Rashid
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तुम्हारा भी दुखाएगा कोई दिल तुम्हें भी शा'इरी अच्छी लगेगी
Tanoj Dadhich
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लोग हम सेे सीखते हैं ग़म छुपाने का हुनर आओ तुम को भी सिखा दें मुस्कुराने का हुनर क्या ग़ज़ब है तजरबे की भेंट तुम ही चढ़ गए तुम से ही सीखा था हम ने दिल दुखाने का हुनर
Kashif Sayyed
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उस के जैसों की होती है दुनिया हम जैसों का तो कमरा होता है
Prakamyan Gautam
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सूरज चढ़ते ही दिन चढ़ जाता था मैं भी पहले जल्दी जग आता था इसने बस तोहफ़े लेने आते हैं पहले वाली को ये कब आता था
Prakamyan Gautam
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दर्पण उस का चाँदी सा है सोने सा है चेहरा उस का बातें उस की फूलों जैसी और बगीचा गेहना उस का
Prakamyan Gautam
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दर्पण उस का चाँदी सा है सोने सा है चेहरा उस का बाँहें उस की फूलों जैसी और बगी़चा गेहना उस का
Prakamyan Gautam
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फूल नहीं है यार कली है भोली भाली और भली है
Prakamyan Gautam
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