पंखा दीवार और खिड़कियों पर नज़र जाती है रात यूँँ ही गुज़रनी थी यूँँ ही गुज़र जाती है इश्क़ ने कौन सी तार जाने कहाँ जोड़ दी दिल कभी भरने लग जाए तो आँख भर जाती है
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कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे
Jaun Elia
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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दिन ढल गया और रात गुज़रने की आस में सूरज नदी में डूब गया, हम गिलास में
Rahat Indori
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तुम्हें इक मश्वरा दूँ सादगी से कह दो दिल की बात बहुत तैयारियाँ करने में गाड़ी छूट जाती है
Zubair Ali Tabish
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अगर तू मुझ सेे शर्माती रहेगी मुहब्बत हाथ से जाती रहेगी
Tehzeeb Hafi
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ले जाऊँ सफ़र ये सितारों से आगे मगर तुम बढ़ो तो इशारों से आगे
Yamir Ahsan
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हम ही हैं हुस्न को शमशीर बनाने वाले मुल्क की नोक पे कश्मीर बनाने वाले
Yamir Ahsan
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हू-ब-हू तुझ को ग़ज़ल में यूँॅं उतारा मैं ने देखते रह गए तस्वीर बनाने वाले
Yamir Ahsan
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या तो हासिल हो बस मुझे वो शख़्स या तो सब पर हराम हो जाए
Yamir Ahsan
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सबूत-ए-वफ़ा है ये अहल-ए-ज़मीं की पहनकर कफ़न भी ज़मीं के रहेंगे
Yamir Ahsan
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