परेशांँ लोग सारे हैं के क्यूँँ आदत में शामिल है तेरा अफ़ज़ल जहाँँ जाना वहीं मशहूर हो जाना
Related Sher
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
Zia Mazkoor
224 likes
More from S M Afzal Imam
वो खु़द भी कितना खा़ली है उसे बता दिया मैं ने के आज आईने को आईना दिखा दिया मैं ने
S M Afzal Imam
0 likes
हम ही विरसे में दिया करते हैं उन को ये ख़राबी वरना बच्चों को कहाँ आता है बातों को छुपाना
S M Afzal Imam
0 likes
जब से वो कह कर गई तू साँवला है तब से कानों में यही बस गूँजता है
S M Afzal Imam
0 likes
हमेशा बात करते वक़्त यूँँ ही मुस्कुरा देना ये आदत तेरी 'अफ़ज़ल' अब किसी की जान ले लेगी
S M Afzal Imam
2 likes
दिल लगाए जो उस सेे लगाया करें भूल जाए कोई भूल जाया करें
S M Afzal Imam
4 likes
Similar Writers
Our suggestions based on S M Afzal Imam.
Similar Moods
More moods that pair well with S M Afzal Imam's sher.







