पत्थर कहा गया कभी शीशा कहा गया दिल जैसी एक चीज़ को क्या क्या कहा गया
Related Sher
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
489 likes
दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
267 likes
मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
314 likes
मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
302 likes
More from Zafar Gorakhpuri
देर तक हँसता रहा उन पर हमारा बचपना तजरबे आए थे संजीदा बनाने के लिए
Zafar Gorakhpuri
6 likes
किसी मासूम बच्चे के तबस्सुम में उतर जाओ तो शायद ये समझ पाओ ख़ुदा ऐसा भी होता है
Zafar Gorakhpuri
4 likes
फ़ुर्सत मिले तो पूछ कभी उन का हाल भी जो लोग जी रहे हैं तेरे प्यार के बग़ैर
Zafar Gorakhpuri
9 likes
आग तेरी है न मेरी आग को मत दे हवा राख मेरा घर हुआ तो तेरा घर देखेगा कौन
Zafar Gorakhpuri
9 likes
उस पे पत्थर खा के क्या बीती 'ज़फ़र' देखेगा कौन फल तो सब ले जाएँगे ज़ख़्म-ए-शजर देखेगा कौन
Zafar Gorakhpuri
7 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Zafar Gorakhpuri.
Similar Moods
More moods that pair well with Zafar Gorakhpuri's sher.







