पहले सर की ये शिकायत थी फ़लक ऊँचा है अब मिरे पाँव ये कहते हैं कि धरती है कहाँ
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उस ने देखा मुझ को तो कुण्डी लगानी छोड़ दी फिर मिरे होंठों पे इक आधी कहानी छोड़ दी मैं छुपाए फिर रहा था इश्क़ अपने गाँव में और फिर ज़ालिम ने गर्दन पे निशानी छोड़ दी
nakul kumar
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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जब भी दीवाना कोई राह भटक जाता है सब से पहले तो मेरा आप पे शक जाता है
Vikram Gaur Vairagi
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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