क़ीमतों का हो जो मोहताज चुकाना छोड़ो अब तो आसान हुआ तर्क-ए-त'अल्लुक़ करना
Related Sher
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Rajesh Reddy
127 likes
नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
183 likes
कोई अटका हुआ है पल शायद वक़्त में पड़ गया है बल शायद दिल अगर है तो दर्द भी होगा इस का कोई नहीं है हल शायद
Gulzar
60 likes
कुछ तबीयत में उदासी भी हुआ करती है हर कोई इश्क़ का मारा हो, ज़रूरी तो नहीं
Jaani Lakhnavi
60 likes
More from Javed Aslam
उसी से प्यार है जिस से हमें नाराज़गी भी है जहाँ पर बैर होता है वहीं वाबस्तगी भी है
Javed Aslam
0 likes
अजब है इम्तिहान-ए-ज़िंदगी 'असलम' जहाँ में इसी पर्चे में हल भी है इसी में मसअला है
Javed Aslam
0 likes
वो रास्ते भी आज कई मंज़िला हुए मेरा जो रास्ता था ज़मीं पर नहीं रहा
Javed Aslam
1 likes
हम को पहले से पता था है ख़सारा लेकिन फ़ैसले दिल के ही भारी पड़े मीज़ानों में
Javed Aslam
1 likes
दर्स देने चले वफ़ा की वो जो सनद-याफ़्ता जफ़ा-गर हैं
Javed Aslam
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Javed Aslam.
Similar Moods
More moods that pair well with Javed Aslam's sher.







