दर्स देने चले वफ़ा की वो जो सनद-याफ़्ता जफ़ा-गर हैं
Related Sher
आज पहली दफ़ा लगा मुझ को वो ज़रा बे-वफ़ा लगा मुझ को बस बिना बात ही बिगड़ता था बेवजह ही ख़फ़ा लगा मुझ को
Sandeep Thakur
81 likes
कोई चादर वफ़ा नहीं करती वक़्त जब खींच-तान करता है
Unknown
81 likes
तुम अगर साथ देने का वा'दा करो मैं यूँँही मस्त नग़्में लुटाता रहूँ तुम मुझे देख कर मुस्कुराती रहो मैं तुम्हें देख कर गीत गाता रहूँ
Sahir Ludhianvi
76 likes
बेवजह मुझ सेे फिर ख़फ़ा क्यूँ है ये कहानी ही हर दफ़ा क्यूँ है कुछ भी मजबूरी तो नहीं दिखती मैं क्या जानूं वो बे-वफ़ा क्यूँ है
Sandeep Thakur
80 likes
ख़ुदा की शा'इरी होती है औरत जिसे पैरों तले रौंदा गया है तुम्हें दिल के चले जाने पे क्या ग़म तुम्हारा कौन सा अपना गया है
Ali Zaryoun
63 likes
More from Javed Aslam
ज़िक्र बादल का भी होना चाहिए सिर्फ़ सावन का यहाँ चर्चा हुआ
Javed Aslam
1 likes
अजब है इम्तिहान-ए-ज़िंदगी 'असलम' जहाँ में इसी पर्चे में हल भी है इसी में मसअला है
Javed Aslam
0 likes
याद वो लौटा गए लेकिन मिरा एक दिल भी था वहाँ खोया हुआ
Javed Aslam
1 likes
उम्र हर शख़्स काट लेता है ज़िंदगी चंद लोग जीते हैं
Javed Aslam
1 likes
उम्र के बदले मिली है ज़िंदगी ज़िंदगी का वक़्त से सौदा हुआ
Javed Aslam
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Javed Aslam.
Similar Moods
More moods that pair well with Javed Aslam's sher.







