राख हो कर हम फ़ना हो जाते हैं वो नहीं जो मर के भी चाहे ज़मीन
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
271 likes
More from 100rav
मेरी चाहत किसी आँगन की तुलसी है मैं कैसे घर में लाऊँ माँ कोई तुलसी
100rav
0 likes
उसे तू छू ले बस अब ज़िस्म देता ये हिदायत है ये सोचा कैसे मेरा रूह करता ये शिकायत है मेरे ख़त को जलाकर कहती है अच्छा लिखा तुम ने, ख़ुदा तू ही बता दे ज़ुल्म है या फिर इनायत है
100rav
1 likes
सात फेरे मत ले लेना कोर्ट मैरिज करना तुम तो काश हो पाऊँ तुम्हारा मैं किसी और ही जनम में
100rav
1 likes
सभी कहते हैं दुनिया गोल है तो तू फिर से क्यूँ नहीं टकराता मुझ सेे
100rav
1 likes
ख़त था भेजा डाकिए से उस के घर को डाकिया भी ख़ुद लगा देने उसे ख़त
100rav
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on 100rav.
Similar Moods
More moods that pair well with 100rav's sher.







