sherKuch Alfaaz

उसे तू छू ले बस अब ज़िस्म देता ये हिदायत है ये सोचा कैसे मेरा रूह करता ये शिकायत है मेरे ख़त को जलाकर कहती है अच्छा लिखा तुम ने, ख़ुदा तू ही बता दे ज़ुल्म है या फिर इनायत है

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