रात तो वक़्त की पाबंद है ढल जाएगी देखना ये है चराग़ों का सफ़र कितना है
Related Sher
रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
307 likes
घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
Tehzeeb Hafi
294 likes
मैं ने जो कुछ भी सोचा हुआ है, मैं वो वक़्त आने पे कर जाऊँगा तुम मुझे ज़हर लगते हो और मैं किसी दिन तुम्हें पी के मर जाऊँगा
Tehzeeb Hafi
285 likes
ख़ुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना देखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देना ये सारे खेल हैं, इन में उदास मत होना
Kumar Vishwas
117 likes
आईने आँख में चुभते थे बिस्तर से बदन कतराता था एक याद बसर करती थी मुझे मैं साँस नहीं ले पाता था
Tehzeeb Hafi
223 likes
More from Waseem Barelvi
सब के चेहरे पे जो तनक़ीद किया करते हैं आइना उन को दिखा दो तो मज़ा आ जाए
Waseem Barelvi
13 likes
नज़र-अंदाज़ करने की सज़ा देनी थी तुझ को तेरे दिल में उतर जाना ज़रूरी हो गया था
Waseem Barelvi
0 likes
तुम्हारा प्यार तो साँसों में साँस लेता है जो होता नश्शा तो इक दिन उतर नहीं जाता
Waseem Barelvi
24 likes
जाके लौटा है कहीं कोई हवा का झोंका तुम ने क्या सोच के दरवाज़ा खुला रक्खा है
Waseem Barelvi
24 likes
कुछ तो कर आदाब-ए-महफ़िल का लिहाज़ यार ये पहलू बदलना छोड़ दे
Waseem Barelvi
29 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Waseem Barelvi.
Similar Moods
More moods that pair well with Waseem Barelvi's sher.







