रहा नहीं वो शख़्स अब यहाँ ज़मीन के लिए बनाया ही गया था उस को आस्तीन के लिए
Related Sher
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
271 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
More from Ali Nazim Adam
यार मुझ को आपसे अब तो मुहब्बत भी नहीं है और मुझ को मेरे घर से ये इजाज़त भी नहीं है आप तो कर भी नहीं सकते दुआ हक़ में हमारे मत करो अब आप को कोई ज़रूरत भी नहीं है
Ali Nazim Adam
1 likes
वो मेरे पास से वापस अगर आ कर नहीं जाता तो मेरी आँख से उस का कभी पैकर नहीं जाता जो उस के पास से होकर गुज़र जाए कभी तो फिर बसर कोई भी हो अपने सलामत घर नहीं जाता
Ali Nazim Adam
1 likes
तिरी डोली उठेगी तो जनाज़ा तो उठेगा ही चलो मैं भी कफ़न पहनूँ चलो ख़ुद को सजा लो तुम
Ali Nazim Adam
1 likes
नंगे तो सब इक जैसे लगते हैं कपड़ो मैं तो सब अच्छे लगते हैं साथ हमारे तुम प्यारे लगते हो साथ तुम्हारे हम कैसे लगते हैं
Ali Nazim Adam
1 likes
मैं तो ये सोच भी नहीं सकता तेरे बिन तो मैं जी नहीं सकता हाथ में है तिरे लबों का जाम अपने होंटो को सी नहीं सकता
Ali Nazim Adam
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ali Nazim Adam.
Similar Moods
More moods that pair well with Ali Nazim Adam's sher.







