रस्म-ए-दुनिया निभा रहा हूँ मैं ज़ख़्म फूलों से खा रहा हूँ मैं क़ैद कर ख़ुद को एक कमरे में हँसना रोना सिखा रहा हूँ मैं एक मुद्दत हुई नहीं आई और कब से बुला रहा हूँ मैं
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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ज़िंदगी से तंग आ कर मौत से मैं जा मिला हूँ
Sabir Pathan
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यक़ीं कर दोस्ती भी दर्द देती है चला के देखना तुम तीर पीछे से
Sabir Pathan
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ज़िंदगी बर्बाद कर के देख साबिर शे'र पर इरशाद कर के देख साबिर दर्द से है आश्ना हर ज़ख़्म तो फिर दर्द से दिल शाद कर के देख साबिर
Sabir Pathan
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रोज़ आती है नई मुस्किल परेशानी रोज़ मरता है जहाँ में आदमी साहब
Sabir Pathan
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वसवसे और हैं ज़माने में मर न जाऊँ उसे मनाने में नाम तेरा रटा किया हर दम याद करता रहा भुलाने में
Sabir Pathan
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