रेत ही रेत मिली इश्क़ सफ़र में मुझ को ज़िंदगी ख़ाक हुई और मिला कुछ भी नहीं रात भर होता है तारी किसी वहशत का गुमाँ रात ख़्वाबों की सियाहत के सिवा कुछ भी नहीं
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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जो मेरे नाम से मंसूब कर के तोड़े थे वो फूल अब भी रखे हैं तेरी किताब में क्या मुझे यूँँ वहशतों की मौत मारने वाले बचा हुआ है मेरा अक्स तेरे ख़्वाब में क्या
ALI ZUHRI
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उसे बनाया गया था बहुत हसीन जमील मैं उस सेे इश्क़ न करता तो और क्या करता
ALI ZUHRI
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आप के तोड़े हुए फूल या छोड़े हुए लोग एक ही क़िस्म की बर्बादी यहाँ पाएँगे पहले पहले तो लुभाएँगे तुम्हें ख़ुशबू से धीरे धीरे वो किताबों में बिखर जाएँगे
ALI ZUHRI
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नज़र घुमा के कभी देख ले घड़ी की तरफ़ बहुत समय से कोई तेरे इंतिज़ार में है
ALI ZUHRI
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बा'द तेरे तो क्या करेंगे हम हिज्र का हक़ अदा करेंगे हम फूल बन जाएँगे महकने को तितलियों से वफा करेंगे हम
ALI ZUHRI
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