रूह तक काँपती नहीं तेरी झूठ पर झूठ बोलने वाले तू हर इक बार मुँह की खाता है जंग में हम को तोलने वाले
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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तड़प मेरे कलेजे की समझ भी जाओ जान-ए-जाँ ज़ियादा और खुल कर क्या कहूँ बस घर चले आते
Nityanand Vajpayee
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मेरी कश्ती से तूफ़ानों का जाने क्या रिश्ता है ज्यूँँ ही धारों में उतरेगी तूफ़ाँ मिलने आएगा
Nityanand Vajpayee
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इज़्ज़त शोहरत शान-ओ-शौक़त सब है मेहनत की रहमत ग़फ़लत से अव्वल इंसाँ को बर्बादी ही मिलती है
Nityanand Vajpayee
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बारूदों की पौध लगा कर जड़ में ख़ुद को खाद करोगे
Nityanand Vajpayee
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यहाँ फेंका वहाँ फेंका वहाँ से फिर कहीं फेंका मुझे डर है कहीं मैं और भी ज़्यादा न उग जाऊँ
Nityanand Vajpayee
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