मेरी कश्ती से तूफ़ानों का जाने क्या रिश्ता है ज्यूँँ ही धारों में उतरेगी तूफ़ाँ मिलने आएगा
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है वो हर इक बात पर कहना कि यूँँ होता तो क्या होता
Mirza Ghalib
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ख़ुदा-रा कौन सा ग़म टूट पड़ता गर चले आते बिला-शक आस्तीं में तुम लिए नश्तर चले आते
Nityanand Vajpayee
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ज़रा सी कामयाबी पर ग़ुरूर उन को है इतना क्यूँ ये दुनिया ख़्वाब है फिर ख़्वाब की औक़ात ही क्या है
Nityanand Vajpayee
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जो मेरी कामयाबी रोक पाने के नहीं क़ाबिल मेरी बदनामियों से उन को दिल बहलाने दो ख़ुद का
Nityanand Vajpayee
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मैं ने देखी है ज़माने की हक़ीकत इन से अब ये आँखें मेरी धोखा नहीं खाने वाली
Nityanand Vajpayee
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वतन के वास्ते क़ुर्बान होना ही तो असली ज़िंदगी है वगरना मौत के आग़ोश में सोना तो है सब को किसी दिन
Nityanand Vajpayee
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