sahil tamam ashk-e-nadamat se at gaya dariya se koi shakhs to pyasa palat gaya
Related Sher
दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
139 likes
अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है
Bhaskar Shukla
130 likes
ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना ही समझ लीजे इक आग का दरिया है और डूब के जाना है
Jigar Moradabadi
114 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल हार जाने का हौसला है मुझे
Ahmad Faraz
135 likes
More from Shakeb Jalali
ज़िंदगी का हर वरक़ बा-शौक़ पढ़िए ये किताब इक रोज़ लौटानी भी तो है
0 likes
तुम को उल्फ़त में शिद्दत मिलेगी मेरे दिल में उतर कर तो देखो
0 likes
ये हवाओं की संगत का फल था कि अब आइने में नहीं दिखता मेरा बदन
0 likes
तुम ने उन को मार गिराया वो भी तो तुम को मारेंगे
0 likes
ये चंद बे-जान से ही अश'आर हैं मिरे प्यार के ख़ातिर मिरी ग़ज़ल एक बेवा के आँसुओं में इस तरह डूबी है
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shakeb Jalali.
Similar Moods
More moods that pair well with Shakeb Jalali's sher.







