साँस मेरे सीने से इक-इक उखड़ जाएगी तब भी देखना दिल में मचलती एक बेचैनी मिलेगी
Related Sher
तुम्हारे पाँव क़सम से बहुत ही प्यारे हैं ख़ुदा करे मेरे बच्चों की इन में जन्नत हो
Rafi Raza
107 likes
प्यास अगर मेरी बुझा दे तो मैं जानू वरना तू समुंदर है तो होगा मेरे किस काम का है
Rahat Indori
109 likes
वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
102 likes
इतना संगीन पाप कौन करे मेरे दुख पर विलाप कौन करे चेतना मर चुकी है लोगों की पाप पर पश्चाताप कौन करे
Azhar Iqbal
109 likes
कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
321 likes
More from Mohit Subran
ज़रूरत क्या तिजारत-गार को ख़ुद हाथ रँगने की ठिकाने कुछ लगाना हो अगर सरकार बैठी है
Mohit Subran
0 likes
ज़रा से शक पे हुआ ख़त्म राब्ता लेकिन ज़रा सा शक न हुआ ख़त्म दरमियाँ से मगर
Mohit Subran
0 likes
ज़रा सा चूक गया मैं तुझे समझने में वगरना ज़ीस्त तिरी धज्जियाँ उड़ाता मैं
Mohit Subran
0 likes
तुम्हें तो ख़ुश-नुमा ख़ुश-रंग है हर एक मौसम ही मगर फ़ुटपाथ के लोगों पे हर मौसम मुसीबत है
Mohit Subran
0 likes
सख़्त थे जैसे भी थे वैसे ही मुमकिन चाहिए कुछ भी बोलें आप हम से हम को लेकिन चाहिए रखिए अपने 'अच्छे दिन' ये और सारे जुमले भी हम को तो वापस हमारे वो बुरे दिन चाहिए
Mohit Subran
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Mohit Subran.
Similar Moods
More moods that pair well with Mohit Subran's sher.







