समर्पित कर रहा हूँ मैं तुम्हें कुछ गीत ग़ज़लें अब बड़े ही प्यार से सुनना मेरे प्रिय मीत ग़ज़लें अब
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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जो भी शामिल होगा लश्कर में तुम्हारे डूब भी सकता है सागर में तुम्हारे पड़ गई ठंडक कलेजे को बताओ हो गए बर्बाद चक्कर में तुम्हारे
Raj Sengar
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हम को ये दोस्ती भी महँगी पड़ी चारा-गर जब से देखा तुझे बीमार रहा करते हैं
Raj Sengar
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दर्द था और शा'इरी थी और क्या था तेरी मुझ सेे दोस्ती थी और क्या था आते जाते बस मुझे इतना दिखा था उस के कमरे में घड़ी थी और क्या था
Raj Sengar
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आप अगर शहर से कूच करने को तैयार हैं फिर तो हम लोग भी आज मरने को तैयार हैं हम तो सदियों से ख़ाली पड़े हैं यहाँ दुनिया में प्यार बरसाओ तुम हम तो भरने को तैयार हैं
Raj Sengar
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आगे कभी हो जाए तो मैं नहीं कह सकता अब तक तो मोहब्बत के आसार नहीं दिखते
Raj Sengar
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