sherKuch Alfaaz

शाम को दीदार अपना आइने में हो गया फ़ाश सब किरदार अपना आइने में हो गया बरगुज़ीदा एक सूरत क़ैद आँखों में हुई और बस घर-बार अपना आइने में हो गया

Related Sher

तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो

Tehzeeb Hafi

1279 likes

किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा

Ahmad Faraz

594 likes

हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो

Jaun Elia

563 likes

बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा

Tehzeeb Hafi

751 likes

हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा

Bashir Badr

373 likes

More from Dhiraj Singh 'Tahammul'

ख़ुदाया ज़िंदगी में काश ये वक़्फ़ा नहीं होता यहाँ पेशानियों का बोझ तक हल्का नहीं होता गुज़र जाते ये दिन हैं वाक़िआत-ए-रोज़-मर्रा में मगर ये रात का साया कभी धुँदला नहीं होता

Dhiraj Singh 'Tahammul'

0 likes

जिस तरफ़ भी हाथ डाला ग़म निकल आए हो रफ़ू कैसे बदन की दम निकल आए खा रहा था अक्स तेरा जो रहा मुझ में थे नहीं महफूज़ ख़ुद में हम निकल आए

Dhiraj Singh 'Tahammul'

0 likes

ज़िक्र होता है तिरा जब भी धड़कता दिल बहुत है भूलना तुझ को सितमगर आज भी मुश्किल बहुत है

Dhiraj Singh 'Tahammul'

0 likes

साथ दिया है किस ने किस का किस की सोहबत कौन चलेगा मेरी ज़िल्लत मेरी ख़िफ़्फ़त ले कर तोहमत कौन चलेगा

Dhiraj Singh 'Tahammul'

0 likes

घूमता है दिल में मेरे एक नम ख़याल किस तरह से खोजते हैं लोग हम ख़याल

Dhiraj Singh 'Tahammul'

0 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Dhiraj Singh 'Tahammul'.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Dhiraj Singh 'Tahammul''s sher.