शब-ए-फ़िराक़ गुज़र ही गई किसी तरह ज़रा सी देर में सूरज निकलने वाला है तेरे अलावा कहूँ किस से हाल-ए-दिल अपना तेरे अलावा मेरी कौन सुनने वाला है
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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वो ज़माना गुज़र गया कब का था जो दीवाना मर गया कब का
Javed Akhtar
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सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
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हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं दिल हमेशा उदास रहता है
Bashir Badr
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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ये और बात बताओ न तुम हमें लेकिन किसी के ख़्वाब तो आँखों में पल रहे होंगे
Saif Dehlvi
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तुम उस से पूछना कभी रफ़्तार वक़्त की बैठा हुआ हो जो किसी के इन्तिज़ार में
Saif Dehlvi
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तुम ही नहीं उदास हो कुल काइनात में सब के दिलों में कोई न कोई मलाल है
Saif Dehlvi
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वो राह-ए-मोहब्बत में भला ख़ाक चलेंगे जो सोचते हों फ़ाएदे नुक़्सान की बातें इक बे-वफ़ा से इतनी मोहब्बत है मुझे 'सैफ़' आती हैं ग़ज़ल में भी उस इंसान की बातें
Saif Dehlvi
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भूलने वाले तिरे सर की क़सम शाम के बा'द याद कर कर के तुझे रोते हैं हम शाम के बा'द
Saif Dehlvi
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