शोर अंदर मेरे बढ़ता जा रहा है चेहरे पे उस का ही ग़म अब छा रहा है क्या कहा ज़ख़्मी हो तुम तो वार से फिर फिर तुम्हें वो बे-वफ़ा क्यूँ भा रहा है
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तुम्हारे पाँव क़सम से बहुत ही प्यारे हैं ख़ुदा करे मेरे बच्चों की इन में जन्नत हो
Rafi Raza
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भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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किस ने दस्तक दी ये दिल पर कौन है आप तो अंदर हैं बाहर कौन है
Rahat Indori
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ज़िंदगी किस तरह बसर होगी दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में
Jaun Elia
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कहो हमें भला बुरा या कुछ भी तुम यहाँ मगर कहे जो सच वो आइना भी पास हो
Lalit Mohan Joshi
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मुश्क आने मौत की मुझ को लगी इश्क़ दुनिया करने ही मुझ को लगी क्या कहूँ मैं ऐसी नादानी को अब प्यार में फिर छलने भी मुझ को लगी
Lalit Mohan Joshi
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मैं ख़ुद से रूठा आप से हरगिज़ नहीं अब हिज्र से ही दोस्ती मेरी यहाँ
Lalit Mohan Joshi
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ये नज़र जो है तुम्हारी लड़कियों पर यार वो भी तो किसी की बेटियाँ हैं
Lalit Mohan Joshi
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मैं कहीं कर ही न जाऊँ ख़ुद-कुशी दर्द इतने भी न दे अब ज़िंदगी
Lalit Mohan Joshi
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