सोचिए सौ सौ दफ़ा रिश्ता मिरा उस सेे मर गया है मारकर मुझ को मिरा क़ातिल
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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तुम्हें जब वक़्त मिल जाए चले आना कभी मिलने उभर आई हैं कुछ बातें वही सब बात करनी हैं तिरी आँखों में रह कर फिर नए कुछ दिन उगाने हैं तिरी ज़ुल्फ़ों तले वो कुछ पुरानी रात करनी हैं
nakul kumar
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काम से निकले तो फिर ये लोग सब घर जाएँगे घर न जा पाए तो फिर ये राह में मर जाएँगे कुछ भी कर जाने को आतुर इश्क़ में जो हैं अगर कुछ न कर पाए तो फिर ये कुछ न कुछ कर जाएँगे
nakul kumar
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कौन तेरे घर की दीवारें चौखट चूमेगा कौन तेरी आँखों में अपनी आँखें रोपेगा
nakul kumar
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कहो क्या हो गया जो मिल न पाए यार से अपने निहारो चाँद को फिर यार के घर द्वार को देखो
nakul kumar
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मुझे मिलने को आई है बड़े दिन बा'द बेचारी हॅंसी है खिल खिलाई है बड़े दिन बा'द बेचारी मेरी बंजर ज़मीं पे वो बनी सरसों सुनहरी सी भरी पूरी उग आई है बड़े दिन बा'द बेचारी
nakul kumar
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