सूखने की हद तलक अब आ गए दोनों कुएँ इस क़दर पानी लगा है रुख़्सती के काम में
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आज हम दोनों को फ़ुर्सत है, चलो इश्क़ करें इश्क़ दोनों की ज़रूरत है, चलो इश्क़ करें
Rahat Indori
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उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
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तुम को क्या बस पानी देना है गमलों में तितली से पूछो काँटा कैसा होता है
Rohit Gustakh
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दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के वो जा रहा है कोई शब-ए-ग़म गुज़ार के
Faiz Ahmad Faiz
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हम ने अच्छी धाँक जमा रक्खी थी अपनी फिर उस ने छोड़ा और सब पानी कर डाला
Prashant Sharma Daraz
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नहीं मिलते हैं मेरे लोग वैसे मिले सूरज-मुखी जैसे किरन से
Shivam chaubey
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देखो न एक जुर्म की इतनी सज़ा मिली उस ने जुदा भी कर दिया और साथ भी रखा
Shivam chaubey
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खालीपन के सारे लम्हे इक से हैं हाथ घड़ी हम देखें या दीवार घड़ी
Shivam chaubey
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तेरे आने से कुछ नहीं होगा मन तो बहलेगा ग़म बहाली से
Shivam chaubey
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हमारे साथ भी रह कर नहीं पिघल पाया नदी की क़ुर्ब में पत्थर नहीं हुआ पानी
Shivam chaubey
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