सुनो यार ख़तरा वो अब टल गया मैं आख़िर जो उस के गले यूँँ लगा
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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ये फ़िल्मों में ही सब को प्यार मिल जाता है आख़िर में मगर सचमुच में इस दुनिया में ऐसा कुछ नहीं होता चलो माना कि मेरा दिल मेरे महबूब का घर है पर उस के पीछे उस के घर में क्या-क्या कुछ नहीं होता
Tehzeeb Hafi
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इसीलिए तो मैं रोया नहीं बिछड़ते समय तुझे रवाना किया है जुदा नहीं किया है
Ali Zaryoun
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उस की तस्वीरें हैं दिलकश तो होंगी जैसी दीवारें हैं वैसा साया है एक मैं हूँ जो तेरे क़त्ल की कोशिश में था एक तू है जो जेल में खाना लाया है
Tehzeeb Hafi
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कहो हमें भला बुरा या कुछ भी तुम यहाँ मगर कहे जो सच वो आइना भी पास हो
Lalit Mohan Joshi
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ये नज़र जो है तुम्हारी लड़कियों पर यार वो भी तो किसी की बेटियाँ हैं
Lalit Mohan Joshi
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फ़र्द-ए-बशर हो तुम फ़क़त क्यूँँ बोलते हो तुम सक़त मग़रूर हो ख़ुद इल्म में ये ऐब क्यूँँ लाए फ़क़त
Lalit Mohan Joshi
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सुनो ये सर्द रातों की दर्द बातें ख़मोशी से ये लब सिल जैसे गए हैं
Lalit Mohan Joshi
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क्यूँँ दिया है दर्द तुम ने इल्म इस का क्या तुम्हें है
Lalit Mohan Joshi
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