सुनती अब भी लोरी माँ के हाथ की है नहीं पंछी को चिंता रात की
Related Sher
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
More from sahllucknowi
तीर मेरी रूह में जा कर धँसा था और वो मरहम जिस्म तक ही करता था काम
sahllucknowi
0 likes
पास मुझे बैठने नहीं देती अब उस की पसंद की जो साड़ी नहीं ली
sahllucknowi
0 likes
ज़िंदगी बस साँस लेना ही नहीं है ये समझ लो थपथपा दें पीठ जो पापा तो क्या ही बात होगी
sahllucknowi
0 likes
मिरा नासेह मुझे थोड़ा हँसाने में लगा है लबों को कैसे आख़िर खोला जाए ये बता दो
sahllucknowi
0 likes
इक आग हूँ जो ख़ुद जली तक भी नहीं पर उस की गर्मी की ख़बर फैली बड़ी
sahllucknowi
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on sahllucknowi.
Similar Moods
More moods that pair well with sahllucknowi's sher.







