तर्जनी पर गिन सज़ा के दिन मेरे तू इक मुझी पर जुर्म का दावा चला है
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एक दिन की ख़ुराक है मेरी आप के हैं जो पूरे साल के दुख
Varun Anand
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जनाज़े पर मेरे लिख देना यारों मोहब्बत करने वाला जा रहा है
Rahat Indori
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मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त
Ali Zaryoun
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दिन ढल गया और रात गुज़रने की आस में सूरज नदी में डूब गया, हम गिलास में
Rahat Indori
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उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
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ज़माने को ज़रूरत है मोहब्बत की मुरव्वत की मगर हम ने तो नफ़रत के सिवा दिल में रखा क्या है
Manish Pithaya
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ज़िंदगी तू बदल गई लेकिन हम से क्या हो सका मोहब्बत में
Manish Pithaya
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उठी थी आग चिंगारी से देखो लगी थी शक कि बीमारी से देखो कि दानाई को तुम रक्खो परे अब निभा के तुम भी दिलदारी से देखो
Manish Pithaya
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सदा हो आसरा बस आप का यूँँ कि साँसें बीत जाएँ बंदगी में
Manish Pithaya
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ईंट का उत्तर अगर पत्थर है तो हैवानियत है जो ख़ुदा को देख पाया सब में तो रूहानियत है धर्म इक ख़ुशबू है जिस सेे है महकता ये जहाँ है जान ले इंसाँ अगर ईमान तो इंसानियत है
Manish Pithaya
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