तीरगी से पस्त लोग बरहना-पा आ गए हैं अब फ़लक पे चाँद आया रात का जवाब आया
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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यार कोई तो उस को समझाओ प्यार की नाव पर अना का बोझ
pankaj pundir
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तुम को सब अपने प्रेम करते हैं कैसे समझोगे तुम शिवा का दर्द
pankaj pundir
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पहले राज़ी था आश्ना मेरा अब किसी बात पर नहीं बनती
pankaj pundir
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तुम पे लाज़िम था सफ़र आसान करना इश्क़ का बा'द लुटने के लुटेरा तो नहीं बन जाना था
pankaj pundir
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तन्हा रहना और ख़ुश रहना, सज़ा काफ़ी नहीं तय हुआ वक़तन-फ़वक़तन सामने भी आना है
pankaj pundir
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