तेरे ख़याल में थे गुम अपना ख़याल किस को था ऐसी भी बे-ख़याली का यार मलाल किस को था
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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जी ही जी में कई अहद-ए-वफ़ा करते-करते जी ही जी में वो कई बार मुकरता होगा जाने किस ध्यान में बैठा हुआ होगा वो शख़्स जाने किन रंगों से कमरे को वो भरता होगा
MIR SHAHRYAAR
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गजरा देखो कंगन देखो कैसी सजी है दुल्हन देखो उलझी उलझी खोई खोई कब से बैठी है बिरहन देखो
MIR SHAHRYAAR
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बहुत क़रीब भी हैं दूर दूर भी हैं बहुत तू मह है बाम पे मैं ज़ेर-ए-बाम हूँ जानाँ
MIR SHAHRYAAR
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ज़रूरत थी बस बात करने की हम को मगर बात करने की फ़ुर्सत किसे है अब इस बस्ती में सब ख़ुदा बन गए हैं अब इक दूसरे की ज़रूरत किसे है
MIR SHAHRYAAR
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अपनी हालत से डर गया शायद होश आते ही मर गया शायद कर रहा था मैं जिस गली से गुरेज़ दिल वहीं से गुज़र गया शायद
MIR SHAHRYAAR
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