तेरी सब औक़ात पता है मुझ को अच्छे से मेरे नाम से ही तुझ को पहचानते हैं सब लोग
Related Sher
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
555 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
More from
ज़ीस्त में मेरे उस ने अँधेरा किया और उस को सभी 'रौशनी' कहते थे
0 likes
वो मुंसिफ़ है मेरा जो क़ातिल है जाँ का मेरे हक़ में वो फ़ैसला क्या करेगा
0 likes
वो तो दिल जैसा धड़कता है मेरे सीने में दम निकल जाएगा जब दूर चला जाएगा
0 likes
वो शहर मेरा क्यूँ छोड़ दिया अब किस को देख के शे'र कहूँ
0 likes
तल्ख़ लहजा लबों से अपने उतारा आख़िर ज़ोम उस का मेरे एहसानों से हारा आख़िर
0 likes
Similar Writers
Similar Moods
More moods that pair well with 's sher.







