तेरी ख़ता नहीं जो तू ग़ुस्से में आ गया पैसे का ज़ो'म था तेरे लहजे में आ गया सिक्का उछालकर के तेरे पास क्या बचा तेरा ग़ुरूर तो मेरे काँसे में आ गया
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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क़सम ख़ुदा की बड़े तजरबे से कहता हूँ गुनाह करने में लज़्ज़त तो है सुकून नहीं
Mehshar Afridi
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ऐसे हालात से मजबूर बशर देखे हैं अस्ल क्या सूद में बिकते हुए घर देखे हैं हम ने देखा है वज़ादार घरानों का जवाल हम ने सड़कों पे कई शाह ज़फ़र देखे है
Mehshar Afridi
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नेवला और साँप दोनों लड़ते लड़ते थक गए इक तमाशा कर के सब पैसे मदारी ले गया
Mehshar Afridi
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उसी को हम सफ़र करना पड़ेगा नहीं तो दूर तक ख़ाली सड़क है
Mehshar Afridi
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जगह की क़ैद नहीं थी कोई कहीं बैठे जहाँ मक़ाम हमारा था हम वहीं बैठे अमीर-ए-शहर के आने पे उठना पड़ता है लिहाज़ा अगली सफ़ों में कभी नहीं बैठे
Mehshar Afridi
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