the meri rah mein lakhon butan-e-nakhwat-o-naz kahin bhi sar na jhuka tere naqsh-e-pa ke siwa
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
More from Zabt Ansari
ज़ीस्त में मेरे उस ने अँधेरा किया और उस को सभी 'रौशनी' कहते थे
0 likes
उन का क़ब्ज़ा है दिल पे मेरे ज़िंदा रहना अब मुश्किल है
0 likes
तुम पढ़ना क़ुरआन के हर इक हर्फ़ को यूँँ अपनी इन मीठी मीठी आवाज़ों से
0 likes
ये चंद बे-जान से ही अश'आर हैं मिरे प्यार के ख़ातिर मिरी ग़ज़ल एक बेवा के आँसुओं में इस तरह डूबी है
0 likes
तुम उतर जाओ इन निगाहों में इक नज़र देखने से क्या होगा
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Zabt Ansari.
Similar Moods
More moods that pair well with Zabt Ansari's sher.







