ठीक थी उन सेे मुलाक़ात मगर ठीक ही थी फ़िल्म इतनी नहीं अच्छी कि दोबारा देखूँ
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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ज़मीं पे घर बनाया है मगर जन्नत में रहते हैं हमारी ख़ुश-नसीबी है कि हम भारत में रहते हैं
Mehshar Afridi
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सुहागन भी बता देगी मगर तुम पूछो विधवा से ये मंगलसूत्र ज़ेवर के अलावा भी बहुत कुछ है ये क्या इक मक़बरे को आख़री हद मान बैठे हो मोहब्बत संग-ए-मरमर के अलावा भी बहुत कुछ है
Zubair Ali Tabish
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वैसे तो उस का नाम नहीं हाफ़िज़े में अब मुमकिन है रूबरू जो कभी हो, पुकार दूँ
Bhaskar Shukla
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तेरा लिक्खा जो पढ़ूँ तो तेरी आवाज़ सुनूँ तेरी आवाज़ सुनूँ तो तेरा चेहरा देखूँ
Bhaskar Shukla
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इस कदर ख़्वाब हैं वस्ल के आँख में आबले पाँव के हम को दिखते नहीं
Bhaskar Shukla
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दुकानें नफ़रतों की ख़ूब आसानी से चलती हैं अजब दुनिया है जाने इश्क़ क्यूँ करने नहीं देती
Bhaskar Shukla
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दिल देख के रो देता है मज़दूर के बच्चे जब फावड़ा चुन लेते हैं बस्ता नहीं चुनते
Bhaskar Shukla
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