वैसे तो उस का नाम नहीं हाफ़िज़े में अब मुमकिन है रूबरू जो कभी हो, पुकार दूँ
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
More from Bhaskar Shukla
मिले थे फरवरी में आपसे पहली दफ़ा हम तभी से दोस्ती सी हो गई है फरवरी से
Bhaskar Shukla
24 likes
लाज़िम है अब कि आप ज़ियादा उदास हों इस शहर में बचे हैं बहुत कम उदास लोग
Bhaskar Shukla
26 likes
गुज़िश्ता साल शायद ठीक से मारा नहीं था ये रावण इस बरस फिर सामने तनकर खड़ा है
Bhaskar Shukla
33 likes
दबे थे जो कहीं दिल में अचानक कल निकल आए खुला जब एलबम तो कुछ पुराने पल निकल आए
Bhaskar Shukla
33 likes
जो कह नहीं सका उसे क़रीब था वो जब मेरे वो बात शे'र में बदल गई तो दूर तक गई
Bhaskar Shukla
32 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Bhaskar Shukla.
Similar Moods
More moods that pair well with Bhaskar Shukla's sher.







