जो कह नहीं सका उसे क़रीब था वो जब मेरे वो बात शे'र में बदल गई तो दूर तक गई
Related Sher
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
211 likes
मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
271 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
More from Bhaskar Shukla
मिले थे फरवरी में आपसे पहली दफ़ा हम तभी से दोस्ती सी हो गई है फरवरी से
Bhaskar Shukla
24 likes
लाज़िम है अब कि आप ज़ियादा उदास हों इस शहर में बचे हैं बहुत कम उदास लोग
Bhaskar Shukla
26 likes
तेरा लिक्खा जो पढ़ूँ तो तेरी आवाज़ सुनूँ तेरी आवाज़ सुनूँ तो तेरा चेहरा देखूँ
Bhaskar Shukla
28 likes
दुकानें नफ़रतों की ख़ूब आसानी से चलती हैं अजब दुनिया है जाने इश्क़ क्यूँ करने नहीं देती
Bhaskar Shukla
27 likes
वरना तो ये दीवार-ओ-दर लगता है तुम होती हो घर में तो घर लगता है
Bhaskar Shukla
30 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Bhaskar Shukla.
Similar Moods
More moods that pair well with Bhaskar Shukla's sher.







