thi panw mein koi zanjir bach gae warna ram-e-hawa ka tamasha yahan raha hai bahut
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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वो एक अक्स कि पल भर नज़र में ठहरा था तमाम उम्र का अब सिलसिला है मेरे लिए
Rajinder Manchanda Bani
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तू कोई ग़म है तो दिल में जगह बना अपनी तू इक सदा है तो एहसास की कमाँ से निकल
Rajinder Manchanda Bani
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ज़रा छुआ था कि बस पेड़ आ गिरा मुझ पर कहाँ ख़बर थी कि अंदर से खोखला है बहुत
Rajinder Manchanda Bani
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मैं हूँ और वादा-ए-फ़र्दा तेरा और इक उम्र पड़ी हो जैसे
Rajinder Manchanda Bani
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लो सारे शहर के पत्थर समेट लाए हैं हम कहाँ है हम को शब-ओ-रोज़ तौलने वाला
Rajinder Manchanda Bani
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