tujh se bichhdun to koi phul na mahke mujh mein dekh kya karb hai kya zat ki sachchai hai
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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हर शाम इक मलाल की आदत सी हो गई मिलने का इंतिज़ार भी मिलना सा हो गया
Naseer Turabi
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ऐ मेरी ज़िंदगी ऐ मेरी हम-नवा तू कहाँ रह गई मैं कहाँ आ गया कुछ न अपनी ख़बर कुछ न तेरा पता तू कहाँ रह गया मैं कहाँ आ गया सब्ज़ शाख़ों से गुल यूँँही चुनना कभी गुल से गुलज़ार के ख़्वाब बुनना कभी फ़ुर्सत-ए-इब्तिदा हसरत-ए-इंतिहा तू कहाँ रह गई मैं कहाँ आ गया
Naseer Turabi
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अदावतें थीं तग़ाफ़ुल था रंजिशें थीं बहुत बिछड़ने वाले में सब कुछ था बे-वफ़ाई न थी
Naseer Turabi
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वो बे-वफ़ा है तो क्या मत कहो बुरा उस को कि जो हुआ सो हुआ ख़ुश रखे ख़ुदा उस को
Naseer Turabi
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ये हवा सारे चराग़ों को उड़ा ले जाएगी रात ढलने तक यहाँ सब कुछ धुआँ हो जाएगा
Naseer Turabi
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