तुझ सेे रिश्ता क़ायम रखने को जानाँ जाने कितनी बार गिराया है ख़ुद को
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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दर्द दिल में दबा लिया होगा ग़म से वा'दा निभा लिया होगा क़ब्र पर आके मेरे क़ातिल ने अपना चेहरा छुपा लिया होगा
Yogendra Singh Raghuwanshi
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उन की आँखें में बेईमानी है उन के लहज़े में बद-गुमानी है अब मोहब्बत कहाँ है रिश्ते में उन की बातों में मेहरबानी है
Yogendra Singh Raghuwanshi
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तेरी अपनी क़िस्मत है और मेरी अपनी किस्मत है तुझ को तो संसार मिला पर मुझ को तू भी न मिल पाया
Yogendra Singh Raghuwanshi
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दर्द में जान जा रही होगी आँसुओं में नहा रही होगी हो के मजबूर इस ज़माने से वो मेरे ख़त जला रही होगी
Yogendra Singh Raghuwanshi
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होंठों पर इक बात छुपाकर रक्खी है प्रिया नेह बरसात छुपाकर रक्खी है जिस रैना में स्वप्न मिलन के देखे थे वो काजल सी रात छुपाकर रक्खी है
Yogendra Singh Raghuwanshi
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