तुम छोड़ गए तो मुझे एहसास हुआ ये हाथों की पकड़ मेरी ही मज़बूत नहीं थी
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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ज़ख़्म ऐसा दो मुझे अब इश्क़ में, के नील ही पड़ जाए मेरे दिल के अंदर
Dipendra Singh 'Raaz'
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वो सदा जो कान तक पहुंँची नहीं शहर भर में ढूंँढते हैं हम उसे
Dipendra Singh 'Raaz'
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वो मेरे ज़ेहन के कोने में दबा बैठा था उस को फिर बहर में डाला तो कहीं शे'र बना
Dipendra Singh 'Raaz'
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वो इक गली जिसे छोड़ हुए मुझे बरसों न जाने क्यूँ मेरे ख़्वाबों में रोज़ आती है
Dipendra Singh 'Raaz'
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यूँँ तेरी याद मुझे कब नहीं आती है मगर ऐसे मौसम में तेरी याद बहुत आती है
Dipendra Singh 'Raaz'
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