तुम यूँँ ही नाराज़ हुए हो वर्ना मय-ख़ाने का पता हम ने हर उस शख़्स से पूछा जिस के नैन नशीले थे
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
211 likes
More from Ghulam Mohammad Qasir
अब इक तीर भी हो लिया साथ वर्ना परिंदा चला था सफ़र पर अकेले
Ghulam Mohammad Qasir
0 likes
मैं बदन को दर्द के मल्बूस पहनाता रहा रूह तक फैली हुई मिलती है उर्यानी मुझे
Ghulam Mohammad Qasir
10 likes
गलियों की उदासी पूछती है घर का सन्नाटा कहता है इस शहर का हर रहने वाला क्यूँँ दूसरे शहर में रहता है
Ghulam Mohammad Qasir
9 likes
कोई मुँह फेर लेता है तो 'क़ासिर' अब शिकायत क्या तुझे किस ने कहा था आइने को तोड़ कर ले जा
Ghulam Mohammad Qasir
12 likes
कहते हैं इन शाख़ों पर फल फूल भी आते थे अब तो पत्ते झड़ते हैं या पत्थर गिरते हैं
Ghulam Mohammad Qasir
16 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ghulam Mohammad Qasir.
Similar Moods
More moods that pair well with Ghulam Mohammad Qasir's sher.







