तुम्हारी याद मेरी आँख के किनारों से तमाम उम्र बही है किसी नदी की तरह
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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ये तेरे हिज्र की तन्हाई के पाले हुए लोग मारे फिरते हैं तेरे दिल से निकाले हुए लोग
Shakir Dehlvi
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कहाँ हो राम आ कर देख तो लो तुम्हारे नाम पर क्या हो रहा है
Shakir Dehlvi
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क्या तमाशा है कि कांधों पे नहीं सर फिर भी दोनों हाथों से हैं दस्तार सँभाले हुए लोग
Shakir Dehlvi
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हर भरम टूट गया साँस जो टूटी अपनी हम तो समझे थे कि हम से ही चलेगी दुनिया
Shakir Dehlvi
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ये साल भी रुख़्सत हुआ इक उम्र चुरा कर हम हैं कि उसे जाता हुआ देख रहे हैं
Shakir Dehlvi
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