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तुम्हारा काम इतना है कि बस काजल लगा लेना तुम्हारी आँख की ख़ातिर नज़ारे मैं बनाऊँगा

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लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूँँ हैं इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँँ हैं मोड़ होता है जवानी का सँभलने के लिए और सब लोग यहीं आ के फिसलते क्यूँँ हैं

Rahat Indori

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अब उस की शादी का क़िस्सा न छेड़ो बस इतना कह दो कैसी लग रही थी

Zubair Ali Tabish

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मैं भी इक शख़्स पे इक शर्त लगा बैठा था तुम भी इक रोज़ इसी खेल में हारोगे मुझे ईद के दिन की तरह तुम ने मुझे ज़ाया' किया मैं समझता था मुहब्बत से गुज़ारोगे मुझे

Ali Zaryoun

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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं

Fahmi Badayuni

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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं

Umair Najmi

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