तुम्हारा पहलू तुम्हारी मर्ज़ी जिसे भी चाहो बिठाओ इस में मगर मेरी जाँ हमारे दिल का हुआ तमाशा तो याद रखना
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उस के पहलू से लग के चलते हैं हम कहीं टालने से टलते हैं
Jaun Elia
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भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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किताबें बंद कर के जब मैं बिस्तर पर पहुँचता हूँ तुम्हारी याद भी आ कर बगल में लेट जाती है
Bhaskar Shukla
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कोई तुम्हारा सफ़र पर गया तो पूछेंगे रेल देख के हम हाथ क्यूँ हिलाते हैं
Tehzeeb Hafi
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मैं तुम्हें बद्दुआएं देता हूँ ताकि तुम मेरा दर्द जान सको तुम जिसे चाहते हो मर जाए और तुम उस के बा'द ज़िंदा रहो
Afkar Alvi
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उदासी है न यादें हैं न तेरे काल का चक्कर हमारी शाम है जाना तुम्हारे शाम से बेहतर
Gaurav Singh
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वो जिस तरह से नाम मेरा लेती है मुझे लगता है मेरे होने से दुनिया जहान है
Gaurav Singh
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उस के झुमके की बात क्या कीजे उस की बातें भी यार गहना हैं
Gaurav Singh
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मिला के लब से लब को हम हमारी कई सदियों की दूरी तय करेंगे
Gaurav Singh
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रात भर मन भटकता रहा और मैं चैन से सो न पाया तुम्हारी क़सम
Gaurav Singh
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