तुम्हारी मुहब्बत पे क्या मैं कहूँ ज़रा सी हवा में हवा हो गई
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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ज़रा सी अपनी बात नहीं मिलने पे तुम यूँँ रूठे हो जैसे उलफ़त थी ही नहीं
Ambar
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उस के लिए तुम हम से भी लड़ जाते हो और कहते हो वो मेरा कुछ लगता नहीं
Ambar
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तुम कहते हो तुम्हें बदलना होगा अब फिर क्या देख के मुझ से उलफ़त किए थे तुम
Ambar
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तुम्हारे साथ ख़ुद को सोचने से भी लगे है डर कभी ऐसा भी आलम था मेरे हर ख़्वाब में तुम थे
Ambar
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उन सेे जा के कर न लेना दोस्ती इक हादसा है मत करो तुम कहना मानो दिल-लगी इक हादसा है
Ambar
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