uchhaale jis pe malamat ke sang logon ne wajud us ka muqaddas kitab sa ubhra
Related Sher
क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
444 likes
दबी कुचली हुई सब ख़्वाहिशों के सर निकल आए ज़रा पैसा हुआ तो च्यूँँटियों के पर निकल आए अभी उड़ते नहीं तो फ़ाख़्ता के साथ हैं बच्चे अकेला छोड़ देंगे माँ को जिस दिन पर निकल आए
Mehshar Afridi
63 likes
वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
Sahir Ludhianvi
206 likes
हम को हमारी नींद भी वापस नहीं मिली लोगों को उन के ख़्वाब जगा कर दिए गए
Imran Aami
63 likes
वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या
Ankita Singh
98 likes
More from Abdul Matin Jami
ज़िंदगी भर यूँँ मेरे दिल को दुखाया था बहुत क़ब्र पर आया है वो मुझ से मुआ'फ़ी के लिए
0 likes
ज़िंदगी भर मैं बोलूँगा तुझ को इश्क़ का यूँँ दग़ाबाज़ है तू
0 likes
ज़रा तुम अपनी हद में रहने की कोशिश करो वरना तुम्हारे ऐब से इक दिन तुम्हें बदनाम कर देंगे
0 likes
ज़रा रख ले तू नाम उस का लबों पर ख़ुदा की इबादत में राहत मिलेगी
0 likes
ये चाँद तुम्हारे मुक़ाबिल भी तो नहीं मैं तुम को देख के ईद मनाऊँगा
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Abdul Matin Jami.
Similar Moods
More moods that pair well with Abdul Matin Jami's sher.







