उन्हें आँखों ने बे-दर्दी से बे-घर कर दिया है ये आँसू क़हक़हा बनने की कोशिश कर रहे थे
Related Sher
जो दुनिया को सुनाई दे उसे कहते हैं ख़ामोशी जो आँखों में दिखाई दे उसे तूफ़ान कहते हैं
Rahat Indori
132 likes
क्या बोला मुझे ख़ुद को तुम्हारा नहीं कहना ये बात कभी मुझ सेे दुबारा नहीं कहना ये हुक़्म भी उस जान से प्यारे ने दिया है कुछ भी हो मुझे जान से प्यारा नहीं कहना
Ali Zaryoun
116 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
ये वो क़बीला है जो हुस्न को ख़ुदा माने यहाँ पे कौन तेरी बात का बुरा माने इशारा कर दिया है आप की तरफ़ मैं ने ये बच्चे पूछ रहे थे कि बे-वफ़ा माने
Kushal Dauneria
74 likes
More from Abbas Qamar
हालत-ए-हाल से बेगाना बना रक्खा है ख़ुद को माज़ी का निहाँ-ख़ाना बना रक्खा है
Abbas Qamar
28 likes
मैं पीछे भागने वालों में सब से आगे हूँ ये मेरी आख़िरी कोशिश है ख़ुद को पाने की
Abbas Qamar
0 likes
हम आसमाँ के लोग थे जन्नत से आए थे ख़ुद को मगर ज़मीं में बोना पड़ा हमें
Abbas Qamar
33 likes
जहाँ सारे हवा बनने की कोशिश कर रहे थे वहाँ भी हम दिया बनने की कोशिश कर रहे थे
Abbas Qamar
34 likes
तन्हाई से चौंके जो कभी ख़ुद को पुकारा ख़ामोशी से घबराए तो ज़ंजीर हिला दी
Abbas Qamar
15 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Abbas Qamar.
Similar Moods
More moods that pair well with Abbas Qamar's sher.







