उस के दिल से अगर उतर जाऊँ या इलाही दुआ है मर जाऊँ
Related Sher
हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
157 likes
अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है
Bhaskar Shukla
130 likes
दुआ करो कि सलामत रहे मिरी हिम्मत ये इक चराग़ कई आँधियों पे भारी है
Waseem Barelvi
113 likes
मैं जब मर जाऊँ तो मेरी अलग पहचान लिख देना लहू से मेरी पेशानी पे हिंदुस्तान लिख देना
Rahat Indori
125 likes
हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं दिल हमेशा उदास रहता है
Bashir Badr
114 likes
More from Shajar Abbas
ज़ेहन के लब पे तिरा नाम है बस शाम-ओ-सहर नक़्श हैं चश्म पे अब तक तिरी तस्वीर के पाँव
Shajar Abbas
0 likes
ज़ीस्त जब मौत की आग़ोश में सो जाएगी हर हक़ीक़त मिरी इक वाक़िआ' हो जाएगी
Shajar Abbas
0 likes
उसे कहो कि मेरे ख़्वाब में चला आए उसे कहो कि मुझे नींद आने वाली है
Shajar Abbas
0 likes
ज़ुल्म मज़लूमों पे ढाना छोड़ दो हक़ यतीमों का दबाना छोड़ दो ये नहीं कर सकते तो बेहतर है ये सर को सज्दे में झुकाना छोड़ दो
Shajar Abbas
0 likes
ये क्यूँ ज़रदार सारे देख कर करते नहीं हैं ग़म किसी के चश्म क्यूँ ये देख कर होते नहीं हैं नम ज़माना हो गया हम को जवानी ढलने वाली है लिबास-ए-मुफ़्लिसी बचपन से ओढ़े फिर रहे हैं हम
Shajar Abbas
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shajar Abbas.
Similar Moods
More moods that pair well with Shajar Abbas's sher.







